₹1.58 लाख सोना और ₹2.78 लाख चांदी: क्या बनेगा नया रिकॉर्ड? जानिए experts की राय
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| भारत में सोना ₹1.58 लाख और चांदी ₹2.78 लाख के रिकॉर्ड स्तर के पास |
भारतीय सर्राफा बाजार में 2026 के दौरान सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है। वर्ष 2026 की शुरुआत में सोना लगभग ₹1.78 लाख प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक उच्च स्तर तक पहुंच गया था, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण milestone माना जा रहा है। इसके बाद सीमित correction के बावजूद फरवरी 2026 में सोना ₹1.55 लाख से ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम के मजबूत दायरे में बना हुआ है।
वहीं चांदी की कीमतें भी मजबूत trend में हैं और यह लगभग ₹2.65 लाख से ₹2.78 लाख प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड कर रही है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई का दबाव और सुरक्षित निवेश विकल्प की बढ़ती मांग के कारण precious metals में निवेशकों की रुचि लगातार बनी हुई है।
Market observers के अनुसार, सोना और चांदी portfolio diversification और wealth protection के लिए महत्वपूर्ण asset class माने जाते हैं, खासकर तब जब financial markets में volatility अधिक हो।
सोना और चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
1. सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग
जब global economy में uncertainty होती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोना और चांदी खरीदते हैं। इससे इनकी कीमतों में तेजी आती है।
2. Inflation और रुपये की कमजोरी
महंगाई बढ़ने और रुपये के कमजोर होने से gold और silver की कीमतें भारत में और तेजी से बढ़ती हैं।
3. Central Banks की लगातार खरीद
दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने reserve में सोना बढ़ा रहे हैं, जिससे long term में demand मजबूत बनी हुई है।
4. चांदी की industrial demand
Solar panels, electric vehicles (EV) और electronics industries में चांदी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इसकी कीमतों को support मिल रहा है।
क्या future में और तेजी संभव है?
Market analysts का मानना है कि precious metals long term में wealth protection और portfolio diversification के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अगर current trend जारी रहता है, तो आने वाले वर्षों में:
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सोना नए record levels तक पहुंच सकता है
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चांदी में भी strong growth देखने को मिल सकती है
हालांकि short term में market correction भी संभव है, जो normal market behavior का हिस्सा है।
निवेशकों के लिए सही strategy क्या हो सकती है?
- Long term investment बेहतर विकल्प
- Precious metals में long term investment wealth protection के लिए अच्छा माना जाता है।
- SIP और phased investment strategy अपनाएं
- एक साथ बड़ी राशि निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे investment करना risk को कम करता है।
- Portfolio diversification जरूरी है
Experts के अनुसार, portfolio का 10–15% हिस्सा gold और silver में रखना balanced strategy माना जाता है।
Physical gold vs ETF – कौन बेहतर है?
💰 निवेश विकल्प और फायदे
| Investment Option | Advantage |
|---|---|
| Physical Gold | Tangible asset, traditional investment |
| Gold ETF | Safe, no storage risk |
| Silver ETF | Easy investment, high liquidity |
| Sovereign Gold Bond | Extra interest benefit |
निष्कर्ष (Conclusion)
₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम सोना और ₹2.78 लाख प्रति किलो चांदी का current level यह दिखाता है कि precious metals मजबूत trend में हैं। Global demand, inflation और economic uncertainty के कारण long term में gold और silver investors के लिए महत्वपूर्ण investment option बने रह सकते हैं।
Long term investors के लिए phased investment और diversification strategy सबसे सुरक्षित और effective तरीका हो सकता है।
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