REITs निवेश का कड़वा सच: क्या 'थर्ड-पार्टी कंट्रोल' आपके पैसे के लिए बड़ा खतरा है?



REITs vs Real Assets investment comparison showing house and stock market chart with control and risk concept

आजकल निवेश की दुनिया में REITs (Real Estate Investment Trusts) की बहुत चर्चा है। लोग इसे "अमीरों वाला निवेश, गरीबों के बजट में" कह रहे हैं। लेकिन क्या सच में ₹500 या ₹1000 लगाकर आप किसी बड़े मॉल या आईटी पार्क के असली मालिक बन जाते हैं? एक सरकारी कर्मचारी और एक सतर्क निवेशक के तौर पर, जब मैंने इसकी गहराई में जाकर छानबीन की, तो मुझे कुछ ऐसी बातें पता चलीं जो अक्सर बड़े विज्ञापनों में छिपा ली जाती हैं। आज हम बात करेंगे उस सबसे बड़े खतरे की जिसे 'Third Party Control' कहते हैं।

REITs क्या है? (संक्षेप में):

REITs एक ऐसी कंपनी होती है जो बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ (ऑफिस, मॉल, होटल) खरीदती है और उनसे मिलने वाला किराया अपने निवेशकों को बाँट देती है। यह म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है, जहाँ आप सीधे जमीन नहीं खरीदते, बल्कि उस कंपनी के यूनिट्स खरीदते हैं।

थर्ड-पार्टी कंट्रोल: सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक और वित्तीय जोखिम: 

यही वह बिंदु है जहाँ मुझे REITs पर सबसे ज्यादा संदेह होता है। जब आप अपनी मेहनत की कमाई निवेश करते हैं, तो आप चाहते हैं कि उसका नियंत्रण आपके हाथ में हो।

  • निर्णय लेने की शक्ति का अभाव:  अगर आप खुद की एक दुकान या फ्लैट खरीदते हैं, तो आप तय करते हैं कि किसे किराये पर देना है और कब बेचना है। लेकिन REITs में सारा नियंत्रण फंड मैनेजरों और थर्ड-पार्टी ट्रस्टियों के पास होता है।
  • मैनेजमेंट की गलतियाँ: यदि मैनेजमेंट कोई गलत फैसला ले ले या किसी ऐसी बिल्डिंग में निवेश कर दे जहाँ भविष्य में डिमांड कम हो जाए, तो नुकसान आपका होगा, उनका नहीं।
  •  मेरा अनुभव:  मैंने यह अनुभव किया है कि जब भी किसी काम या प्रोजेक्ट में 'तीसरी पार्टी' (Third Party) को शामिल किया जाता है, तो जवाबदेही (Accountability) की कमी आ जाती है। कागजों पर सब कुछ सही दिखता है, लेकिन धरातल पर नियंत्रण ढीला पड़ जाता है। निवेश के मामले में भी, जब मेरी मेहनत की कमाई का फैसला कोई ऐसा व्यक्ति लेता है जिसे मैं जानता तक नहीं, तो वह एक बड़ा जोखिम बन जाता है।

किराये (Rental Income) का भ्रम: लोग सोचते हैं कि REITs में 90% मुनाफा बांटना अनिवार्य है, इसलिए पैसा सुरक्षित है। लेकिन ध्यान रहे, यह मुनाफा 'खर्चे काटने' के बाद बचता है। यदि मैनेजमेंट रखरखाव (Maintenance) और अपनी भारी-भरकम फीस में ज्यादा पैसे दिखा दे, तो आपके हाथ में आने वाला वास्तविक पैसा (Dividend) उम्मीद से बहुत कम हो सकता है।

लिक्विडिटी का जोखिम (Liquidity Risk): कहने को तो REITs शेयर बाजार में लिस्टेड होते हैं, लेकिन भारत में अभी इनका वॉल्यूम कम है। इमरजेंसी में जब आप अपना बड़ा हिस्सा बेचना चाहेंगे, तो ज़रूरी नहीं कि आपको सही कीमत पर तुरंत खरीदार मिल जाए। जबकि फिजिकल गोल्ड या खुद की जमीन पर आप अपनी मर्जी से सौदेबाजी कर सकते हैं और उसका कब्जा आपके पास रहता है।

डायरेक्ट प्रॉपर्टी निवेश क्यों बेहतर है?

एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए, ज़मीन का एक टुकड़ा या एक छोटा फ्लैट न सिर्फ एक एसेट है, बल्कि एक मानसिक सुरक्षा भी है।

1. पूर्ण नियंत्रण: आपकी जमीन पर कोई 'थर्ड पार्टी' फैसला नहीं ले सकती।

2. पूंजी की सुरक्षा: इतिहास गवाह है कि जमीन की वैल्यू लंबी अवधि में बढ़ती ही है।

3. सेविंग्स का सही उपयोग: हम जैसे कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस या एरियर को ऐसी जगह लगाना चाहिए जिसे हम भौतिक रूप से देख सकें और जरूरत पड़ने पर जिसका उपयोग कर सकें।

निष्कर्ष:

REITs उन लोगों के लिए ठीक हो सकता है जिनके पास करोड़ों रुपये अतिरिक्त हैं और वो सिर्फ प्रयोग (Experiment) करना चाहते हैं, लेकिन अगर आप मेरी तरह सुरक्षा और नियंत्रण (Control) को प्राथमिकता देते हैं, तो 'थर्ड-पार्टी' के भरोसे अपनी गाढ़ी कमाई छोड़ना समझदारी नहीं है। निवेश वही अच्छा है जहाँ रात को चैन की नींद आए।

⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। मैं कोई SEBI पंजीकृत वित्तीय सलाहकार नहीं हूँ। इस लेख में व्यक्त किए गए विचार मेरे व्यक्तिगत अनुभव और शोध पर आधारित हैं। शेयर बाजार या किसी भी वित्तीय योजना में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

💬 अपनी राय जरूर दें

क्या आप REITs में निवेश करना पसंद करेंगे या सीधे जमीन/फ्लैट खरीदना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं?

📌 क्या आपके अनुसार Third Party Control एक बड़ा जोखिम है?
📌 क्या आपने कभी REITs में निवेश किया है? आपका अनुभव कैसा रहा?
📌 आप किराये की नियमित आय (Regular Income) को ज्यादा महत्व देते हैं या पूर्ण नियंत्रण (Full Control) को?

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आपका अनुभव किसी और निवेशक के लिए बहुत मददगार हो सकता है।



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